ॐ नमः शिवाय !! ॐ त्रयंबकम यजा महे सुंग़न्धिम पुष्टि बर्द्धनम उर्बरकबिम बन्धनान ,मृतिर्योमुक्षीय मातृतात !! मेरे भोले के चरणों में यह दो जहां हैं मेरे !! धूल हूँ इनके चरणों की और मयह भगवान् हैं मेरे !! जब से शरण में मैं तेरी आया हूँ !! हर मुश्किल में भी में मुस्कुराया हूँ !! हाथ मेरा जबसे तुमने है थामा !! संभल गया में जब जब डगमगाया हूँ !! शिव ही काल है !! शिव ही महाकाल है !! शिव ही अंत है !! शिव अनंत है !! परवाह में क्यों करू जब सर पे मेरे तेरा हाथ है !! अकेला क्यों समझूँ में खुद को जब तू मेरे साथ है !! दुनिया मेरी शिव है !! शिव ही मेरी दुनिया है !! मस्त मलंग मेरा भोला है कैलाश में जिसका बास है !! त्रिशूल हाथ में जिसके है वह मेरा भोला है !! नंदी की जो सबारी करे वह मेरा भोला है !! शिव ही काल है !! शिव ही महाकाल है !! शिव ही अंत है !! शिव अनंत है !! गंगा सर से जिसके निकलती है !! नाम उसके मेरी हर सांस है !! परवाह में क्यों करू जब सर पे मेरे तेरा हाथ है !! कण कण में शिव है मेरे मन्न में शिव है !! गले में जिसके सांपो की माला है!! कहते सब जिसको डमरू वाला हैं !...
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Showing posts from January, 2020
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वोह बचपन मेरा कहीं खो गया है !! वोह आँगन मेरे घर का और वोह गालियां मेरे गाँव की !! याद आती है अक्सर उस खेत के पेड़ की छाओं की !! वह मासूमियत वक़्त के समुन्दर में जाने कहा खो गयी !! इस रफ़्तार भरी जिदो-जेहत में ज़िन्दगी जाने कब कहा सो गयी !! वोह बचपन मेरा कहीं खो गया है !! वोह बारिश की बूंदों का मिटटी में मिलके समां वह महका देना !! याद आता है बहुत मुझको वह पानी में कश्ती को बहा देना !! वह बारिश कहा गयी और वह कश्ती जाने कहा खो गयी !! इस रफ़्तार भरी जिदो-जेहत में ज़िन्दगी जाने कब कहा सो गयी !! वोह बचपन मेरा कहीं खो गया है !! वोह बेफिक्र सा हर पल रहना और खेतों में पंछियों की चहचहाट का सुनना !! हर ख़ुशी उस लम्हे के साथ कही खो गयी !! लगता है के ज़िन्दगी अब बड़ी हो गयी !! वोह आँगन में मेरे घर के यूं वक़्त का गुजारना !! के बहुत याद आता है मुझको वह बात बात पर झगड़ना !! वोह बचपन मेरा कहीं खो गया है !!
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अनजाना अनसुना सा एक अहसास है!! जो लगता अक्सर बहुत ख़ास है !! नज़रें इस भीड़ में तलाशती हैं ख़ुशी को !! जाने इस नादान दिल को किस की तलाश है !! अनजाना अनसुना सा एक अहसास है!! जो लगता अक्सर बहुत ख़ास है !! कभी दुनिया की भीड़ में गुम हो गया में!! तो कभी अपनी ही साँसों की आहात से डर गया में !! ज़िन्दगी की कहानी यूँ ही चल रही है अक्सर !! क्यूंकि मेरी धुन को जाने किस सरगम की तलाश है !! अनजाना अनसुना सा एक अहसास है!! जो लगता अक्सर बहुत ख़ास है !! बता दे मुझको तेरे इरादे क्या हैं ऐ ज़िन्दगी !! तुझे समझूँ या तुझे जियूं में ज़िन्दगी!! यही कशम काश है दिल में !! और एक तू है की कहती है मुझसे के !! यह सब समझने के लिए वक़्त ही कहाँ तेरे पास है !! अनजाना अनसुना सा एक अहसास है!! जो लगता अक्सर बहुत ख़ास है !!
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शिव अंत है !! शिव ही अनंत है !! काल शिव है !! महाकाल शिव है !! ॐ नमः शिवाय : विष का प्याला जिसने पिया वोह शिव है !! जीवन जिसने हमको दिया वोह शिव है !! जब भी आँखें बंद की मुझे मेरा भोला नज़र आया !! जब भी आँखें नम्म हुई मेरे भोले ने मुझे हंसाया !! परवाह में दुनिया की क्यों करू अब !! जो मैंने हर कदम मेरे भोले का साथ पाया !! शिव अंत है !! शिव ही अनंत है !! काल शिव है !! महाकाल शिव है !! ॐ नमः शिवाय : विष का प्याला जिसने पिया वोह शिव है !! जीवन जिसने हमको दिया वोह शिव है !! शिव अंत है !! शिव ही अनंत है !! काल शिव है !! महाकाल शिव है !! ॐ नमः शिवाय : दुनिया को भूल जाऊँ बस तेरी शरण में आऊँ !! मुझे चरणों में तू अपने रख ले !! भक्तों में अपने मेरा नाम कर ले !! हर पल में गुणगान गाउँ !! खुद को में सदा तेरे चरणों में ही पाऊँ !! विष का प्याला जिसने पिया वोह शिव है !! जीवन जिसने हमको दिया वोह शिव है !! शिव अंत है !! शिव ही अनंत है !! काल शिव है !! महाकाल शिव है !! ॐ नमः शिवाय :
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माना के नादान हूँ मगर तुझसे न अनजान हूँ !! तेरे थोड़े सवालों से कुछ परेशान हूँ !! कभी तूने शिकवे दिए और फिर थोड़े गिले किये !! बस इसी कशम-कश में लगा हु ऐ ज़िन्दगी !! मत परख तू मुझको इस हद तक ऐ ज़िन्दगी !! में खुदा नहीं ,में भी एक इंसान हूँ !!! माना के नादान हूँ मगर तुझसे न अनजान हूँ !! तेरे थोड़े सवालों से कुछ परेशान हूँ !! आजमाया तूने है हमको कदम-कदम पर इस तरह अक्सर !! के टूटे हर उस खवाब की में एक शमशान हूँ !!! तू चेहरा बदल लेती है अपना हर बार उस मंजर पर !! मत समझना के मैं इस सबसे अनजान हूँ !!! माना के नादान हूँ मगर तुझसे न अनजान हूँ !! तेरे थोड़े सवालों से कुछ परेशान हूँ !!
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पहली नज़र तैनू में जदो तकया सी!! उस वेले ही पहली बार दिल मेरा धड़केया सी!! तू एंज करके जदो हसेया सी !! में मुश्किल नाल तदों संभलेया सी !! नैन तेरे ने जादू करता !! मुंडा तेरे पिच्छों तेरे घर तक गया सी !! पहली नज़र तैनू में जदो तकया सी!! एंज न तू दिलां नूँ मित्रों दे तड़पाया कर !! कदे सादे नाल भी हस के गाल करेया कर !! चंडीगढ़ तक मुंडा तेरे करके आया !! के तेरे लेई ही पिंड तो पजेया सी !! पहली नज़र तैनू में जदो तकया सी!! न बुलेट है ना लेम्बोर्गिनी मित्रा दे कोल !! बापू मेरा जमींदार ते तैनू चाहिदी लेम्बोंगिनी कार !! जेब तों गरीब हाँ पर दिल तो बड़ा अमीर हाँ !! पहली नज़र तैनू में जदो तकया सी!!
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आहटें यह कैसी हैं जो मुझको अक्सर सुनाई देती हैं !! तेरी मायूसी तो नहीं ये कही जो मुझे अक्सर आईने में दिखाई देती हैं !! कभी में बेजुबान तो कभी तू खामोश सा होता है !! बातें यह कैसी अक्सर तेरे मेरे दरमियान होती हैं !! पलकें नम्म मेरी हो जाती हैं अक्सर जब जब तू रोता है !! आहटें यह कैसी हैं जो मुझको अक्सर सुनाई देती हैं !! करीब हूँ तेरे खुद से भी ज्यादा तो फिर क्यों मुझे यह दूरियां दिखाई देती हैं !! इस कदर शामिल तू मुझमें होता है अक्सर के मुझे तेरी खामोशियाँ सुनाई देती हैं !! आहटें यह कैसी हैं जो मुझको अक्सर सुनाई देती हैं !!
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खामोश रहता हु अक्सर पर बेजुबान नहीं !! समझता हु फिदरत तेरी ऐ ज़िन्दगी में भी !! के तेरे इरादों से में भी अनजान नहीं !! दोष तेरा नहीं हांथों की इन लकीरों का है शायद !! के मेरी मज़िल तुझे जीना है मुस्कुरा कर !! पर यह राह तेरी इतनी भी आसान नहीं !! खामोश रहता हु अक्सर पर बेजुबान नहीं !! तूने हर पल में अपना चेहरा है बदला अक्सर और हम फिर भी हुए मज़िल से गुमराह नहीं !! कोशिश तेरी आज भी इरादों को मेरे हारने की है शायद !! पर हम भी समझ गए हैं तुझे!! अब मुझसे यु पर्दा करना इतना भी आसान नहीं !! खामोश रहता हु अक्सर पर बेजुबान नहीं !!
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हाथों की चंद लकीरों में क्यों यह ज़िन्दगी सिमट के रह जाती है !! जिस मोड़ पर हम जाना नहीं चाहते!! अक्सर यह राहें हमें उसी मोड़ पर क्यों लेकर आती हैं !! सफर ज़िन्दगी खुशनुमा होगा जब तू हर कदम पर मेरे साथ होगा!! पर जाने क्यों अक्सर खुशियों को हमारी इस दुनिया की नज़र लग जाती है !! हाथों की चंद लकीरों में क्यों यह ज़िन्दगी सिमट के रह जाती है !! दुआ में मेरी हर बार तेरा नाम शामिल हो के तू इस कदर हर पल मुझ में शामिल हो !! मुस्कराहट तेरे होंठो की तेरी किस्मत से जोड़ना चाहता हु !! में तेरे साथ ययूं ही हर पल याद बन कर रहना चाहता हु !! सोचो जब भी मेरे बारें तुम !! आँखों में ख़ुशी और चेहरे पर तेरे में हंसी देखना चाहत हूँ !!
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तेरी इस बेरुखी में भी जाने क्यों मुझे प्यार नज़र आता है !! जब होता हूँ पास तुम्हारे तो मानो वक़्त ठहर सा जाता है !! कही बिछड़ न जाओ तुझसे अक्सर इस ख़याल से यह दिल सेहम सा जाता है !! हुई जो पूरी वह दुआ हो तुम, मेरी हर ख़ामोशी की आवाज़ हो तुम!! तेरे पहलू में आ के सब ग़म मेरे दूर हो जाते हैं !! के यह भी मेरे साथ तेरी मोह्हबत के गीत गाते हैं !!
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कभी कभी हम इतने तनहा क्यों हो जाते हैं !! के सांस लेने पर भी एक आहात सी लगती है !! कभी तो समझ लेते हैं ख़ामोशी को भी सब की !! और कभी कभी महफ़िल में भी एक ख़ामोशी सी लगती है !! ज़िन्दगी तू है आती पेश इस तरह अक्सर हमसे !! के है तो अपनी मगर अक्सर अजनबी सी लगती है !! कभी कभी हम इतने तनहा क्यों हो जाते हैं !! के सांस लेने पर भी एक आहात सी लगती है !!
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जाने कैसी एक पहेली है यह ज़िंदगी !! जिसे कोई सुलझा नहीं सकता !! उलझती ही जाएगी यह उतना !! जितना भी भी कोशिश तुम करोगे इसे सुलझाने की !! इसी उलझने -सुलझाने में उम्र यह बीत जाती है पर इसे कोई भी सुलझा नहीं सका !! जो है उसी में खुश हो जाओ!! जो नहीं उसके लिए मायूस मत हो जाओ !! क्यूंकि नसीब में जो तेरे होगा उसे तुमसे कोई नहीं छीन नहीं सकता'!! जाने कैसी एक पहेली है यह ज़िंदगी !! जिसे कोई सुलझा नहीं सकता !! अक्सर मायूस होते देखा है मैंने दुनिया को किसी के ना पाने की वजह से !! एक बार खोया था मैंने भी जो मेरे पास था और बहुत ख़ास था !! खोकर उसको एहमियत मैंने जानी क अनदेखा कर के उसको कैसी कर दी मैंने यह नादानी !! जाने कैसी एक पहेली है यह ज़िंदगी !! जिसे कोई सुलझा नहीं सकता !! एहमियत जानो उसकी जो तुम्हरे पास है !! क्यूंकि हर लम्हा गुजरता हुआ ज़िन्दगी का होता कुछ खास है !! इस लम्हे को तुम यु ही न गाबाओ !! जो है नसीब में उसके साथ ख़ुशी से तुम मुस्कुराओ !! जाने कैसी एक पहेली है यह ज़िंदगी !! जिसे कोई सुलझा नहीं सकता !!
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लम्हा वोह भी कैसा था मानो एक पल में सदियाँ समा गयी हों जैसे !! वोह यु मुस्कुराना भी तेरा ऐसा था मानो खुशियों की हर तरफ बरसात हो रही हो जैसे !! तेरा यु पास मेरे आना और यु इस कदर पलकें झुका कर मुस्कुराना !! मेरे साथ ज़िन्दगी भी मुस्कुरा रही हो जैसे !! लम्हा वोह भी कैसा था मानो एक पल में सदियाँ समा गयी हों जैसे !! सोचता हूँ हर पल मैं तेरे बारे में इस तरह!! मानो हर तरफ तू ही तू नज़र आ रही हो जैसे!! जुबान से कुछ कहा भी नहीं और सब कुछ मुझसे कह दिया!! नज़रें यह तेरी सरगम कोई गुनगुना रही हों जैसे !! लम्हा वोह भी कैसा था मानो एक पल में सदियाँ समा गयी हों जैसे !!
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ॐ तत्पुरषाय बिद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो: रुद्र प्रचोदयात्त !! कण कण में शिव है !! काल शिव है !! अकाल शिव है!! शिव शिव शिव शिव !!!! ॐ नमः शिवाय !! गले में है जिसके साँपों की माला!!सब कहते हैं जिसको डमरू वाला !! नंदी की जो सवारी करे और पिए जो विष का प्याला !! ऐसा है मेरे शिव भोला भाला !! कण कण में शिव है !! काल शिव है !! अकाल शिव है!! ॐ नमः शिवाय !! सुबह में मेरी शिव है और शाम में मरी शिव है !! खोजोगे जो दिल से तो पाओगे के पुरे जहान में शिव है !! फ़िक्र छोड़ कर दुनिया की तू ,शिव की मौज में मस्त होजा !! सब बिगड़ी बनायेगे वोह पार तुझे लगाएंगे वोह !! कण कण में शिव है !! काल शिव है !! अकाल शिव है!! ॐ नमः शिवाय !! मायूस तू न हो !! बस मेरे भोले की पनाह हो !! राह तुझे दिखाएगा वोह !!संभलना तुझे सिखाएगा वोह !! नाम तू उसका जप ले !! भक्ति में उसकी तप ले !! भक्ति के भाव सागर में जीवन रस पिलाएगा वोह !! जीना तुझे सिखाएगा वोह !! कण कण में शिव है !! काल शिव है !! अकाल शिव है!! ॐ नमः शिवाय !!
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न में हिन्दू हूँ और ना ही मुसलमान हूँ क्यूंकि पहले में एक इंसान हूँ !! जल रहे हैं लोग बिक रहा है ज़मीर मेरे देश में और बंट रहे हैं लोग मेरे देश में !! खून तुम देख लो हिन्दू का मुसलमान का !! कहेगा खुद के में हूँ खून हिंदुस्तान का !! क्यों इस सियासी चक्रव्यूह में तुम नादान फंस रहे हो!! जला रहे हो अपना ही घर और उसपे तुम सब हंस रहे हो !! न में हिन्दू हूँ और ना ही मुसलमान हूँ क्यूंकि पहले में एक इंसान हूँ !! जल रहे हैं लोग बिक रहा है ज़मीर मेरे देश में और बंट रहे हैं लोग मेरे देश में !! अपने ही घर को यु तबाह करके कौन सा नया आशियाना तुम पाओगे !! इंसान हो इंसान ही बन कर रहो के फासले सब बना कर तुम कौन सा नया हहिंदुस्तान बनाओगे !! छली हुआ है सीना जब एक इंसान का और जब घर टूटा है किसी इंसान का !! महसूस तुम उस दर्द को करो !! यूं न तुम लहू बहाओ मेरे हिंदुस्तान का !! देश यह तेरा है मेरा है पर नहीं है किसी शैतान का !! न में हिन्दू हूँ और ना ही मुसलमान हूँ क्यूंकि पहले में एक इंसान हूँ !!...
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एक अजनबी सा एहसास जो पल पल दिल को सताता है !! कभी डराता है मुझको तो कभी मुझको इस कदर अपनाता है !! खामोश सा हो जाता हु अक्सर जब तेरे न होने का ख्याल मुझको आता है !! एहसास यह कुछ और नहीं बस तेरे ना होने का एक मलाल है !! तू मुझ में समाया है इस कदर के रूह से जुड़ा जिस्म होने का यह एक सवाल है !! एक अजनबी सा एहसास जो पल पल दिल को सताता है !! कभी डराता है मुझको तो कभी मुझको इस कदर अपनाता है !! कभी तुझ में इस कदर खुद को मैंने महसूस किया था !! के तेरे साथ हर पल में मैंने भी एक बार ज़िन्दगी को मुस्कुरा कर जिया था !! आज तू नहीं है पर तेरे एहसास साथ में हैं !! मानो चाँद दिख रहा जैसे अँधेरी रात में है !! एक अजनबी सा एहसास जो पल पल दिल को सताता है !! कभी डराता है मुझको तो कभी मुझको इस कदर अपनाता है !! गहराई मेरे एहसासों की बस तू ही समझ पाया था !! के तुझे पा कर मैंने भी ज़िन्दगी का नग़मा गाया था !! आज बस एक ख़ामोशी सी इस कदर जुबान पर छायी सी है !! नज़रों को कोई मेरी पढता नहीं और लफ़्ज़ों पे मेरे स्याही काली सी गहराई है !! एक अजनबी सा एहसास जो पल पल दिल को सताता है !! कभी डराता है मुझक...
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आँखों में तेरा चेहरा है और दिल में बस तू ही तू !!! में साज़ हु तेरा और इस साज़ की है सरगम तू!! ज़िन्दगी कितनी हसीं है जब तू साथ है !! और जब न द्केहु तुझे तो दिन भी लगे जैसे काली रात है !! एक बार जो तू यह मुझसे कह दे !! छोड़ दू दुनिया साड़ी जो साथ मेरा तू दे !! आँखों में तेरा चेहरा है और दिल में बस तू ही तू !!! में साज़ हु तेरा और इस साज़ की है सरगम तू!! तनहा और अधूरी सी थी यह ज़िन्दगी और जब तू आयी तो पूरी हुई यह ज़िन्दगी !! सांस भी आती है जिस्म में तेरे नाम के बाद !! के दम भी निकले जो अगर तो निकले तेरी मुस्कराहट के बाद !! खुदा से अब और क्या मांगू में जो तुझे मैंने पाया है !! के बस हर लम्हा मैंने बस तेरी मोह्हबत का ही गीत गाया है !!! आँखों में तेरा चेहरा है और दिल में बस तू ही तू !!! में साज़ हु तेरा और इस साज़ की है सरगम तू!! क्यों लिखू में तुझपे के शब्दों में इसे ब्यान कर नहीं पाता हु!! तेरी मुस्कराहट आती है सामने उम्मीद बनकर जब भी में मायूस हो जाता हु !! तुझे ही हर पल सोचता हु में और तेरे ही गीत गाता हूँ !! आँखों में तेरा चेहरा है और...
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चलो तुमको आज में तुम्हारी कहानी सुनाता हु !! क्यों तुम घबराते हो आज में यह पहेली सुलझाता हु !! सोचते हो तुम के लड़ रहे हो दुनिया से तो यह सोचना छोड़ दो!! अपनी इस लड़ाई को तुम खुद से आज जोड़ दो! कौन क्या कहता है कौन क्या कहेगा यह सवाल नहीं है सोचने का !!तुम खुद से ही यह सवाल पूछो के क्यों रुके हो क्यूंकि किसी और का हक़ नहीं है तुमसे यह सवाल पूछने का !! चलो तुमको आज में तुम्हारी कहानी सुनाता हु !! क्यों तुम घबराते हो आज में यह पहेली सुलझाता हु !! कहानी यह ज़िन्दगी की ऐसे लिखो हर पल में !! के जो याद करो कल को तो तुम आज खुद को उस कल से बेहतर पाओ !! किस किसने क्या कहा क्यों कहा सुन लो आज ख़ामोशी से और बस आगे बढ़ते जाओं!! और जब पाओ खुद को सामने आईने के तो यही सब सवाल तुम आईने से अपने दोहराओ चलो तुमको आज में तुम्हारी कहानी सुनाता हु !! क्यों तुम घबराते हो आज में यह पहेली सुलझाता हु !! खुद से खुद की लड़ाई है यह ज़िन्दगी !! जो कभी न जान पाओ तुम वोह राज़ एक ऐसा गहरा है ज़िन्दगी'!! खुद को खुद के साथ लेकर चल यह लड़ाई तो फिर जीत जाएगा'!!कभी हारेगा कभी सीखेगा...
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कभी कह नहीं पाता कभी खुले आम किसी से भी वह अक्सर अल्फ़ाज़ बनाकर कागज़ पर उतार देता हु!! ऐ ज़िन्दगी के तेरे सामने में कहा अक्सर टिकता हु!! तेरी भी ज़िद है मुझे हर कदम पर लड़खड़ाया हुआ देखने की !! और मेरे इरादे हैं गिल कर भी संभल कर मज़िल की और भाड़ जाने के!! कभी कह नहीं पाता कभी खुले आम किसी से भी वह अक्सर अल्फ़ाज़ बनाकर कागज़ पर उतार देता हु!! तू पल पल साथ रहकर हर लम्हे में डगमगा देती है मुझे और में हर बार उठ खड़ा हो जाता हु तुझ से जीत जाने के लिए !! न तू कभी जीतेगी और न कभी में हार मानूंगा !! बस यु ही ख़ामोशी से आगे बढ़ता चला जाऊंगा !!! कभी कह नहीं पाता कभी खुले आम किसी से भी वह अक्सर अल्फ़ाज़ बनाकर कागज़ पर उतार देता हु!!
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आँखों में उनकी हमने ज़िन्दगी को देखा था !! के हमने तो उन आँखों में खुद को देखा था जाने कहा गुम हो गयी अब तो ज़िन्दगी यह अपनी !! ज़िन्दगी तो हमारी वह अपनी आँखों में कैद कर के ले गए !! खुद से जो पूछा हमने उनका का पता और कहा के क्या थी इसमें अपनी खता !! आइना भी जब कुछ न बोला हमसे !! तब जाना के अब तो खुदा भी शायद हो गया है हमसे खफा!! उन आँखों की तलाश में अब यह ज़िन्दगी गुज़र रही है और एक अंजना सा दर्द इस दिल में है!! क्या अब भी कोई ख़ुशी बाकी मेरी ज़िन्दगी में है ?? क्यों यह उम्मीद टूटती नहीं है!! क्या है यह उम्मीद जो साँसों से अब छूटती नहीं है !! आँखों में उनकी हमने ज़िन्दगी को देखा था !! के हमने तो उन आँखों में खुद को देखा था
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आँखों में हमने अपनी एक खवाब संजोया था !! टूटा जो खवाब तो यह दिल भी बहुत रोया था !! मुस्कराहट थी होंठों पे दुनिया के सामने मगर चुपके चुपके यह दिल भी बहुत रोया था !! साथ थे उनके कुछ लम्हो के लिए तो मुस्कुरा लिए !! आंख खुली तो हक़ीक़त नज़र आयी के में तो सोया था!! आँखों में हमने अपनी एक खवाब संजोया था !! टूटा जो खवाब तो यह दिल भी बहुत रोया था !! मेरा आइना भी पह्चानने से मुझको इंकार करने लगा अब तो के मेरा वजूद मुझसे कुछ इस कदर खोया था !! मंज़िल की भी चाह न रही इस दिल को अब तो!! टूटा कुछ उस रात सपना इस कदर जो अब तक आँखों में संजोया था!! आँखों में हमने अपनी एक खवाब संजोया था !! टूटा जो खवाब तो यह दिल भी बहुत रोया था !!
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एहसास तेरा मेरी साँसों से जुड़ा सा लगता है के तेरे बिना वक़्त मुझे दुश्मन सा लगता है!! तू है तो सब कुछ है यहाँ और जो तू नहीं तो बिना सांस के जिस्म हो वैसा लगता है!! तेरे पास आकर वक़्त ठहर सा जाता है और हर पल में ज़िन्दगी जीने का पता लगता है !! जो तू अगर दूर होता है नज़रों से तो वक़्त भी अक्सर मुझसे खफा खफा सा लगता है!! एहसास तेरा मेरी साँसों से जुड़ा सा लगता है के तेरे बिना वक़्त मुझे दुश्मन सा लगता है!! मेरी सांसें चलें जब तक ,तब तक तेरा ही रहुँ में और जो आखरी सांस भी आये तो तेरी गोद में आये!! सुबह शाम बस तुझे ही देखता राहु और कुछ न करू अक्सर दिल यह मेरा मुझसे लेहता है!! एहसास तेरा मेरी साँसों से जुड़ा सा लगता है के तेरे बिना वक़्त मुझे दुश्मन सा लगता है!! बेबसी और टूटी उमीदें ही थी ही थीं नसीब में मेरे तेरे मेरी ज़िन्दगी में आने से पहले!! तुझे पाने के बाद जाना के प्यार कैसे किसी की तक़दीर बदलता है!! खुदा से भी छीन लाऊंगा तुझे के तेरे बिना यह सफर तनह सा लगता है !! आसमान के मेरे चाँद तू है,के में साज़ हूँ और इसकी सरगम बस तू है !! ...
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आधी अधूरी सी थी ज़िन्दगी !! आधा अधूरा सा इसका एहसास था !! टूटे सपने थे और अक्सर एक अधूरा सा खवाब था !! तुझे ही समझने समझने में लगा हु में ऐ ज़िन्दगी !! पर तुझे समझने के लिए शायद वक़्त ही कहा मेरे पास था !! हर पल हर लम्हा तू गुज़र रही है और हर लम्हा में तुझ में पिघल रहा हु !! कोई टूटा सा था तो कोई पल गुज़रा हुआ बहुत ही ख़ास था !! आधी अधूरी सी थी ज़िन्दगी !! आधा अधूरा सा इसका एहसास था !! चल तू मेरे साथ या मुझे साथ लेकर चल !! ठोकर जो लगे मुझको तो में कहु के मुझे संभालने के लिएआखिर था!! आधी अधूरी सी थी ज़िन्दगी !! आधा अधूरा सा इसका एहसास था !!
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दुआ है अक्सर मेरी के बस दो ही चीज़ें अक्सर मेरे पास हो!! एक तू हो साथ में और दूसरा तेरा होने का एहसास हो !! खुले आसमान में साथ चलें बाहों में बाहों दाल हम और हल वह लम्हा कुछ खास !! ज़िन्दगी और ख़ुशी का मतलब मेरे लिए बस तेरा साथ हो!! लड़ जाऊँगा में मुश्किलों की हद से भी मुस्कुराते हुए के बस तेरी मुस्कराहट से जुडी मेरी हर एक सांस हो!! दुआ है अक्सर मेरी के बस दो ही चीज़ें अक्सर मेरे पास हो!! एक तू हो साथ में और दूसरा तेरा होने का एहसास हो !! वक़्त यह भी अब गुजर जाएगा और दिन यह भी यु ही हाथ से निकल जाएगा !! ज़िन्दगी में लम्हे नहीं बल्कि हर लम्हे में ज़िन्दगी बिताना चाहता हु बस शरत यह है के हर लम्हे में तेरा साथ हो!! दुआ है अक्सर मेरी के बस दो ही चीज़ें अक्सर मेरे पास हो!! एक तू हो साथ में और दूसरा तेरा होने का एहसास हो !! सफ़ेद चादर हो बर्फ की और तेरा साथ हो! तू सरगम बन जाये मेरी और मोह्हबत मेरी उस सरगम का राग हो !! दुआ है अक्सर मेरी के बस दो ही चीज़ें अक्सर मेरे पास हो!! एक तू हो साथ में और दूसरा तेरा होने का एहसास हो !!
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हर रोज खवाबों में तुम आते हो हमारे !! हर रोज दिल के और करीब आते हो हमारे!! कभी तो हम भी आये होंगे खवाबों में तुम्हारे !! फिर कैसे कह दिया के यह खवाब झूठे हैं सारे!! चलो हम भी न आएंगे अब कभी ज़िन्दगी के रास्ते में तुम्हारे !! पहले हमको सारे खवाब लोटा दो हमारे!! डुबोया है तुमने हमको वहाँ ,जहा से दूर दूर तक दीखते नहीं किनारे!! जिए तो जिए आपके लिए ,मरेंगे भी ततुम्हारी यादों के सहारे !! जाने क्यों एक उम्मीद सी जीने की जगती है तुम्हे देखकर !! खुदा मेरी सब खुशियां दे दे तुझको और मेरे नसीब में दाल दे सारे ग़म तुम्हारे !! तुमको शायद कभी भूल न पाउँगा में,चाहे सारी दुनिया मुझको ताना मारे !! याद है हमको अब तक-हमें उस मोड़ पर थामा था तुमने,जहा से शायद उम्मीद के रास्ते बंद हो गये थे सारे !!