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Showing posts from August, 2020

ख्वाहिशों की मुठ्ठी में

 ख्वाहिशों की मुठ्ठी में  हांथों की अपनी हमने  उमीदों के रेत को समेटे रखा है कुछ इस कदर !! जो ढील देता हूँ मुठ्ठी को थोड़ी तो यह  फिसलने लगता है !! जो थोड़ा कसता हूँ मुठ्ठी को तो भी यह हाथों से  निकलने  लगता है !!

वज़नदार होता है यह.....

 हल्का कर देता है हर रिश्ते  को जो निकल जाने के बाद!!! वज़नदार होता है यह.....   "मतलब" बहुत शायद !!

कुछ कहने से कभी कभी ख़ामोशी अच्छी !!

 कुछ कहने से कभी कभी  ख़ामोशी अच्छी !! कभी कभी बेगुनाह होने से, मानना  अपनी दोषी अच्छी !!!!

कारवां ज़िन्दगी के सफर का इसकुछ इस कदर गुज़र रहा है !! कभी कोई लम्हा सामने से गुज़र रहा है !! कभी कोई अपना पीछे छूट रहा है !! ख़ामोशी भरी मुस्कराहट चेहरे पे सबके झलक रही है !! इस कदर सफर ज़िन्दगी यहाँ हर कोई बसर कर रहा है !!!

 कारवां ज़िन्दगी के सफर का इसकुछ इस कदर गुज़र रहा है !! कभी कोई लम्हा सामने से गुज़र रहा  है !! कभी कोई अपना पीछे छूट रहा है !! ख़ामोशी भरी मुस्कराहट चेहरे पे सबके झलक रही है !! इस कदर सफर ज़िन्दगी यहाँ हर कोई बसर कर रहा है !!!

वक़्त तेरी कहानी भी बड़ी अजीब है !!

वक़्त तेरी कहानी भी बड़ी अजीब है !! कभी-कभी तो चलता है बहुत तेज़ !! तो कभी मानो...  थम सा जाता है.....!!!!! 
 चेहरे  पे हमेशा मुस्कराहट !!! रहते हो सबके दिल के पास !! स्वर्ग में बैठे मुस्कुराहा रहे होंगे अब !! मामा जी आप थे बहुत ख़ास !! 👏👏👏👏

शिकवे-गिले तो बहुत हुए तुझसे ऐ ज़िन्दगी!!!!

 शिकवे-गिले तो बहुत हुए तुझसे ऐ  ज़िन्दगी!!!! कभी शिकायतें तो कभी गलतफहमियां !!! थोड़ा तूँ सबर कर ले !! थोड़ा में संभल जाऊँ !!

आईने को जितना भी तराशो तुम चाहे !! चेहरा वोह एक जैसा ही दिखाएगा !!

आईने को जितना भी तराशो तुम चाहे !! चेहरा वोह एक जैसा ही दिखाएगा !! जो खुद को तरसोगे अगर तुम तो !! चेहरा आईने में भी बदल जाएगा !!