आधी अधूरी सी थी ज़िन्दगी !!  आधा  अधूरा सा इसका एहसास था !!
टूटे सपने थे और अक्सर एक अधूरा सा खवाब था !!
तुझे  ही समझने समझने में लगा हु में ऐ ज़िन्दगी !!
पर तुझे समझने के लिए शायद वक़्त ही कहा मेरे पास था !!
हर पल हर लम्हा तू गुज़र रही है और हर लम्हा में तुझ में पिघल रहा हु !!
कोई टूटा सा था तो कोई पल गुज़रा हुआ बहुत ही ख़ास था !!

आधी अधूरी सी थी ज़िन्दगी !!  आधा  अधूरा सा इसका एहसास था !!

चल तू मेरे साथ या मुझे साथ लेकर चल !! ठोकर जो लगे मुझको तो में कहु के मुझे संभालने के लिएआखिर  था!!

आधी अधूरी सी थी ज़िन्दगी !!  आधा  अधूरा सा इसका एहसास था !!

Comments

Popular posts from this blog