कभी कभी एक बहाना ढूंढते हैं यह अस्क भी इन आँखों से छलक जाने के लिए!!
और हम भी पल पल मरते में ज़िन्दगी को एक एक पल जीने के लिए!!
कभी पैमाने में ज़िन्दगी को देखा तो कभी भीड़ में खुद को अकेला पाया !!
के बस अब तो मैखाने में मिलते हैं कुछ पल खुद के लिए ममुस्कुराने के लिए!!
और हम भी पल पल मरते में ज़िन्दगी को एक एक पल जीने के लिए!!
कभी पैमाने में ज़िन्दगी को देखा तो कभी भीड़ में खुद को अकेला पाया !!
के बस अब तो मैखाने में मिलते हैं कुछ पल खुद के लिए ममुस्कुराने के लिए!!
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