एक आगाज़ हुआ था खुशियों का हमारी भी ज़िन्दगी में !!
के अब तो आगाज़ के नाम से भी डर लगने लगता है !!
एक पल के लिए जो कभी मुस्कुराये हम तो!!
जाने क्यों कोई अजनबी सा दर्द आँखों में छलकने सा लगता है !!
के अब तो आगाज़ के नाम से भी डर लगने लगता है !!
एक पल के लिए जो कभी मुस्कुराये हम तो!!
जाने क्यों कोई अजनबी सा दर्द आँखों में छलकने सा लगता है !!
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