कभी न पूछा किसी ने हमसे हमारे दिल का हाल के हम भी खुद को पथथर दिल समझ बैठे !!
चले थे अँधेरी राह में हाथ में दिया लेकर खुद का बजूद ढूंढने !!
पता ही ना चला के कब खुद का ही आशियाना जला बैठे !!!

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