चलो तुमको आज में तुम्हारी कहानी सुनाता हु !! क्यों तुम घबराते हो आज में यह पहेली सुलझाता हु !!
सोचते हो तुम के लड़ रहे हो दुनिया से तो यह सोचना छोड़ दो!! अपनी इस लड़ाई को तुम खुद से आज जोड़ दो!
कौन क्या कहता है कौन क्या कहेगा यह सवाल नहीं है सोचने का !!तुम खुद से ही यह सवाल पूछो के क्यों रुके हो क्यूंकि किसी और का हक़ नहीं है तुमसे यह सवाल पूछने का !!
चलो तुमको आज में तुम्हारी कहानी सुनाता हु !! क्यों तुम घबराते हो आज में यह पहेली सुलझाता हु !!
कहानी यह ज़िन्दगी की ऐसे लिखो हर पल में !! के जो याद करो कल को तो तुम आज खुद को उस कल से बेहतर पाओ !!
किस किसने क्या कहा क्यों कहा सुन लो आज ख़ामोशी से और बस आगे बढ़ते जाओं!!
और जब पाओ खुद को सामने आईने के तो यही सब सवाल तुम आईने से अपने दोहराओ
चलो तुमको आज में तुम्हारी कहानी सुनाता हु !! क्यों तुम घबराते हो आज में यह पहेली सुलझाता हु !!
खुद से खुद की लड़ाई है यह ज़िन्दगी !! जो कभी न जान पाओ तुम वोह राज़ एक ऐसा गहरा है ज़िन्दगी'!!
खुद को खुद के साथ लेकर चल यह लड़ाई तो फिर जीत जाएगा'!!कभी हारेगा कभी सीखेगा और फिर एक दिन तू भी मज़िल अपनी पाएगा !!
चलो तुमको आज में तुम्हारी कहानी सुनाता हु !! क्यों तुम घबराते हो आज में यह पहेली सुलझाता हु !!
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