लम्हा वोह भी कैसा था मानो एक पल में सदियाँ समा गयी हों जैसे !!

वोह यु मुस्कुराना भी तेरा ऐसा था मानो खुशियों की हर तरफ बरसात हो रही हो जैसे !!
तेरा यु पास मेरे आना और यु इस कदर पलकें झुका कर मुस्कुराना !!
मेरे साथ ज़िन्दगी भी मुस्कुरा रही हो जैसे !!

लम्हा वोह भी कैसा था मानो एक पल में सदियाँ समा गयी हों जैसे !!

सोचता हूँ हर पल मैं तेरे बारे में इस तरह!!
मानो हर तरफ तू ही तू नज़र आ रही हो जैसे!!
जुबान से कुछ कहा भी नहीं और सब कुछ मुझसे कह दिया!!
नज़रें यह तेरी सरगम कोई गुनगुना रही हों  जैसे !!

लम्हा वोह भी कैसा था मानो एक पल में सदियाँ समा गयी हों जैसे !!



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