मासूमियत को मेरी इस तरह ना परखो ऐ चेहरे पे नक़ाब वालो !!
जो खुद पे आ गया तो फिर क़यामत होगी !!
खामोश हूँ सब जानते हुए भी में यहाँ !!
जब परवाह छोड़ दी तो फिर सब की सच्चाई यहाँ ब्यान बयाँ होगी !!
जो खुद पे आ गया तो फिर क़यामत होगी !!
खामोश हूँ सब जानते हुए भी में यहाँ !!
जब परवाह छोड़ दी तो फिर सब की सच्चाई यहाँ ब्यान बयाँ होगी !!
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