एहसास तेरा मेरी साँसों से जुड़ा सा लगता है के  तेरे बिना वक़्त मुझे दुश्मन सा लगता है!!
तू है तो सब कुछ है यहाँ और जो तू नहीं तो  बिना सांस के जिस्म हो वैसा लगता है!!
तेरे पास आकर वक़्त ठहर सा जाता है और हर पल में ज़िन्दगी जीने का पता लगता है !!
जो  तू अगर दूर होता है नज़रों से तो वक़्त भी अक्सर  मुझसे खफा खफा सा लगता है!!

एहसास तेरा मेरी साँसों से जुड़ा सा लगता है के  तेरे बिना वक़्त मुझे दुश्मन सा लगता है!!

मेरी सांसें चलें जब तक ,तब तक तेरा ही रहुँ में और जो आखरी सांस भी आये तो तेरी गोद में आये!!
सुबह शाम बस तुझे ही देखता राहु और कुछ न करू अक्सर दिल यह मेरा मुझसे लेहता है!!

एहसास तेरा मेरी साँसों से जुड़ा सा लगता है के  तेरे बिना वक़्त मुझे दुश्मन सा लगता है!!

बेबसी और टूटी उमीदें ही थी ही थीं नसीब में मेरे तेरे मेरी ज़िन्दगी में आने से पहले!!
तुझे पाने के बाद जाना के प्यार कैसे किसी की तक़दीर बदलता है!!
खुदा से भी छीन  लाऊंगा तुझे के तेरे बिना यह सफर तनह सा लगता है !!

आसमान के मेरे चाँद तू है,के में साज़ हूँ और इसकी सरगम बस तू है !!
गीत ज़िन्दगी का बस यु ही गुनगुनाता रहू के तू मुस्कुराती रहे और में बस तुझे यु ही ता-उम्र देखता राहु!!

एहसास तेरा मेरी साँसों से जुड़ा सा लगता है के  तेरे बिना वक़्त मुझे दुश्मन सा लगता है!!

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