हाथों की चंद लकीरों में क्यों यह ज़िन्दगी सिमट के रह जाती है !!
जिस मोड़ पर हम जाना नहीं चाहते!!
अक्सर यह राहें हमें उसी मोड़ पर क्यों लेकर आती हैं !!
सफर ज़िन्दगी खुशनुमा होगा जब तू हर कदम पर मेरे साथ होगा!!
पर जाने क्यों अक्सर खुशियों को हमारी इस दुनिया की नज़र लग जाती है !!

हाथों की चंद लकीरों में क्यों यह ज़िन्दगी सिमट के रह जाती है !!

दुआ में मेरी हर बार तेरा नाम शामिल हो के तू इस कदर हर पल मुझ में शामिल हो !!
मुस्कराहट तेरे होंठो की तेरी किस्मत से जोड़ना चाहता हु !!
में तेरे साथ ययूं ही हर पल याद बन कर रहना चाहता हु !!
सोचो जब भी मेरे बारें तुम !! आँखों में ख़ुशी और चेहरे पर तेरे में हंसी देखना चाहत हूँ !!

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