खामोशियों के इस समंदर में मेरे ज़रा संभल कर उतरना तुम।।

 खामोशियों के इस समंदर में मेरे 

ज़रा संभल कर उतरना तुम।। 

गहराई तक तो पहुंच जाओगे मगर

बापिस जो आओगे तो 

अंदाज़े वयां बदल जाएगा ।।। 

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