जन्नत से भी ऊपर है एक बस्ती !!
जहाँ एक रिश्ता रहता है और उसका नाम है दोस्ती !!
न ही मतलब का ज़हर जहाँ किसी के भी दिल में पाया जाता है !!
बस दोस्त के लिए जहाँ हर रिश्ता निभाया जाता है !!
अगर दोस्त न हो तो फिर मेरी भी कोई नहीं है हस्ती !!
एक पाक सा रिश्ता है जिसका नाम है दोस्ती !!
बिना सोचे बिना जाने हर हाल जिसके सामने खोल देते हैं !!
जो समुन्दर ग़म का हो तो आँखों के सागर को जिसके सामने खोल देते हैं !!
खुश हुआ जो कोई तो दोस्त को याद किया
और ग़म में जो अगर कोई तो दोस्ती को याद किया !!
अकेला मुझे कभी रहने नहीं देता यह रिश्ता !!
२ जाम पीला देता है मुझको दोस्त,दे के दोस्ती का वास्ता !!
यूँ तो रिश्ते हज़ारों हैं ज़माने में मगर एक
दोस्ती का ही रिश्ता सच्चा दीखता है मुझको ज़िन्दगी के आईने में !!
जब दोस्त साथ हैं मेरे तो कोई ग़म की परछाई मुझे छू तक नहीं पाती !!
जन्नत से भी ऊपर है एक बस्ती !!
जहाँ एक रिश्ता रहता है और उसका नाम है दोस्ती !!
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