यु तो अक्सर भूल जाने की आदत हिअ मेरी !!
पर आँखों से ओझल नहीं होती कभी यह सूरत तेरी !!
वह पलकें झुकाकर  मुसकुरा कर जो तूने देख था मुझको पहली बार !!
जाने क्यों अक्सर याद आता है मुझको वह पल बार बार !!
एहसास वह बहुत ख़ास बन गया है अब मेरे लिए !!
के सांसें और धड़कन सब चलती हैं अब बस तेरे लिए !!
क्यों हर पल तुझे ही देखने की गुजारिश करता रहता है यह दिल !!
और जब आती है तू सामने तो सेहम जाता है यह दिल !!
 तूँ ही बता दे यह हाल ऐसा क्यों  है मेरा !!
क्या तेरा दिल भी हाल पूछने को करता है मेरा !!

यु तो अक्सर भूल जाने की आदत हिअ मेरी !!
पर आँखों से ओझल नहीं होती कभी यह सूरत तेरी !!

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