कभी हर शाम में ज़िन्दगी महकती थी और हर सुबह ज़िन्दगी फिर से जीने के लिए उठती थी !!
अब तो शाम के इंतज़ार में दिन गुज़रता है और सुबह की फ़िक्र में मन्न रात भर करवटें बदलता है !!
अब तो शाम के इंतज़ार में दिन गुज़रता है और सुबह की फ़िक्र में मन्न रात भर करवटें बदलता है !!
Comments
Post a Comment