क्यों यु बेबस सा इस कदर है आदमी !!
माना के शर्मा हाय है यहाँ लाज़मी!!
जिसको शर्म की परवाह थी उसने ख़ामोशी से सब बसर कर लिया !!
और जिसको दिखावा चाहिए था उसने दिखा के सब बसर कर लिया !!
वक़्त है जनाब!! हर पल करवट बदलता है यहाँ!
सब सीखने की आदत की बवह होनी चाहिए यहाँ!!
वक़्त लगता है मगर हीरे को भी यहाँ कोयले की खान से तराशने तक के वक़्त को गुजरते हुए गुजारने की काबिलियत होनी चाहिए यहाँ!!
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