आज थोड़ा खमोश सा हूँ फिर से ऐ ज़िन्दगी !!
के आज लगता है फिर से तूने अपना रंग बदला है !!
आज थोड़ा परेशां सा हूँ में फिर से ऐ ख़ुशी !!
के आज लगता है फिर ख़ुशी ने अपना ठिकाना बदला है !!
कभी खामोश तो कभी परेशान
शायद यही ज़िन्दगी का सिलसिला है !!
के आज लगता है फिर से तूने अपना रंग बदला है !!
आज थोड़ा परेशां सा हूँ में फिर से ऐ ख़ुशी !!
के आज लगता है फिर ख़ुशी ने अपना ठिकाना बदला है !!
कभी खामोश तो कभी परेशान
शायद यही ज़िन्दगी का सिलसिला है !!
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