खामोश न रह तू यु इस कदर खुद से ऐ दिल इ नादान ,ब्यान कर दे जो दिल ए हालात हैं तेरे!!
ख़ामोशी को तेरी में पढ़ लेता हु अक्सर,आखिर आइना हु तेरा ,सब साफ़ है दरमियान तेरे और मेरे!!
दुनिया की परवाह तू कब तक इस तरह किये जाएगा क सबकी ख़ुशी के  लिए अपनी ख़ुशी को आंसुओं के दरिया में बहता चला जाएगा!!

खामोश न रह तू यु इस कदर खुद से ऐ दिल इ नादान ,ब्यान कर दे जो दिल ए हालात हैं तेरे!!

जानता हु में क ख़ुशी सबकी चाहता है तू ,पर खुद से खुद का फासला कब तक यु किये जाएगा!
झांक एक बार खुद के अंदर एक बार,तेरे खुद से फासलों की गहराई का तुझे पता चल जाएगा!!

खामोश न रह तू यु इस कदर खुद से ऐ दिल इ नादान ,ब्यान कर दे जो दिल ए हालात हैं तेरे!!

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