ज़िन्दगी शायद यही थी ,जो समझ तो आती थी पर आने पर भी किसी को बताने में अक्सर जुबान लड़खड़ाती थी !!
पर एकआज का यह आलम है के ,रूह तक छटपटाती है पर चेहरे पे बस मुस्कराहट ही छलकती है !!!
पर एकआज का यह आलम है के ,रूह तक छटपटाती है पर चेहरे पे बस मुस्कराहट ही छलकती है !!!
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