मुझे आगोश में ले लो इस कदर के छुप जाओ तेरी गोद में!!
कोई न देख पाए और जी भर के रो लू  आज तेरी गोद में !!
बहुत  कोशिश की पलकों में छुपे इस समुन्दर तो बहा दू !!
पर कम्बखत यह भी साथ नहीं छोड़ते इस ज़िन्दगी की होड़ में!!
सोचा एक पल छुप जाऊ कही तो शायद बह जाएंगे यह भी मेरी खोज में!!
के ख़ुशी तो नहीं पर दर्द से भी गहरा नाता है अपना और बास हम थे के चल पड़े उसे ढूंढने की खोज में!!
सब देखा सब जगह ढूंढा मगर वह सुक्कुन ना मिला हमें जो मिला है खुल के रो लेने में छुपकर तेरी गोद में!!
मुझे आगोश में ले लो इस कदर के छुप जाओ तेरी गोद में!!
कोई न देख पाए और जी भर के रो लू  आज तेरी गोद में !!

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